बांदा जिला 45 साल में पहली बार ऐसी मार.. सड़कों पर सन्नाटा, अस्पतालों में हीट स्ट्रोक की कतार और सूखे तालाबों में बेजुबानों की पुकार
47.4 डिग्री पारे ने बनाया अप्रैल को ‘अंगार’

जनपद में इस अप्रैल माह में ही रिकार्ड गयीं पड़ रही है। रविवार को जनपद का अधिकतम पारा 47.4 डिग्री के आसपास रहा, जिससे दिन में असहनीय गर्मी का एहसास हुआ। सुबह दस बजे के बाद ही सड़कों प सन्नाटा नजर आया और शाम पांच वने के बाद ही लोगों की चाहल-पहल बढ़ी। रात में भी 30 डिग्री तापमान और गर्थ हवाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी।
स्ट्रोक का शिकार हुए मरीजों की अस्पतालों में भरमार हो रही है। वहीं प्यासे व्याकुल पशु-पक्षी दम तोड़ रहे हैं। नहरों में निर्माण कार्य चाल रहा है और तालाब व पोखरे सूखे पड़े हैं।

मौसम विभाग की माने तो 15 मई के बाद नौतपा के समय ही 45 से 47 डिग्री तापमान पहुंचाता रहा है। इस वर्ष अप्रैल माह में ही गमी सारे रिकार्ड तोड़ रही है। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा के वैज्ञानिक के अनुसार, करीब साढ़े चार दशक के रिकार्ड के अनुसार 26 अप्रैल कभी इतना गर्म नहीं रहा। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं रविवार को इतना ही तापमान रहा।

जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेन की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अमित अंसेरी ने संबंधित सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गांवों में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए और हैंडपंप बंद नहीं रहने चाहिए।ने निर्देश दिए हैं कि खराब हैंडपंपों को 24 घंटे के भीतर रिवार्य रूप से ठीक कराया जाए। इसके साथ ही सभी एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया है कि सचिवों के माध्यम से गांवों में मौजूद हैंडपंपों की सूची तैयार सचिवों के माध्यम से की जाए, ताकि उनकी नियमित निगरानी की जा सके लांचों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई है। सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों (पीडीओ को इन टैंकरों की जांच करने के निर्देश दिए हैं,
ताकि सभी टैंकर क्रियाशील और सही स्थिति में रहें तथा जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति की जा स की जा सके शीटवेव के मद्देनजर गोशालाओं में संरक्षित गोवंशको छोड़ दिया गया है और उनके लिए तालाबों, जलाशयों एवं नहरों में पानी भरवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा सभी सरकारी कार्यालयों में मटके आदि रखकर रखकर पेयजल पे उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित
मरीजों का त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों के माध्यम से ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया है।
vipak168.com AK168.COM Trang Chủ Chính Thức | Đăng Ký +68k









